मन्दिर के बाहर हरी भरी घास वाला एक बहुत बडा मैदान है ।
और चारों तरफ देवदार के वृक्ष मनमोह लेते हैं अगस्त महीने में यहां तीन दिवसीय मेला लगता है। देश भर से हजारों श्रद्धालु यहाँ माथा टेकने आते है।
पुजारी जनो का कहना है कि यहाँ पर आने वाले हर श्रद्घालु की मनोकामना पूरी होती है
पं पुरूषोत्तम शर्मा
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