Sunday, 20 January 2019

दिव्यांग

दिव्यांग

दिव्यांग शव्द को लोग हीन भावना से देखते हैं

लेकिन दिव्यांग एक पवित्र शव्द है, दिव्यांग व्यक्ति अपने आप को बहुत कमजोर समझता है पर दिव्यांग किसी भी प्रकार से कमजोर नहीं है। जरूरत है दिव्यांग व्यक्ति को जीवन के मकसद की जिसे जीवन में कुछ विशेष प्रकार उतम कार्य मिल गया वह दिव्यांग व्यक्ति संसार में हर वर्ग से आगे निकलता है ।
मानव शरीर के किसी अंग का कमजोर होना या न होने से जीवन शैली पर कोई फर्क नहीं पडता है जरूरत है तो सिर्फ सही दिशा निर्देश की।

पं पुरुषोत्तम शर्मा

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